सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जायेगा...
इतना ना चाहो उसे वो बेवफा हो जायेगा !
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम हैं ..
चल पड़ेंगे जिस तरफ़ रास्ता हो जायेगा ॥
~ बशीर बद्र
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Some vagabond thoughts that pops up now & then.
No comments:
Post a Comment