Sunday, November 22, 2009

Poetic Truth

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जायेगा...
इतना ना चाहो उसे वो बेवफा हो जायेगा !

हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम हैं ..
चल पड़ेंगे जिस तरफ़ रास्ता हो जायेगा ॥

~ बशीर बद्र

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